केला एक बहुत ही स्वास्थ्यवर्धक और गुणकारी फल है | केले का सेवन हम चाहे फल के रूप में करें या सब्जी के रूप में, यह हर तरह से लाभकारी होता है | केले का पौधा एक ऐसा पौधा है जिसका तना (stem), पत्ता (leaves), फूल (Flower) और फल (Fruit) सभी भोजन में प्रयोग किए जाते हैं | खासकर बंगाल और केरला जैसे राज्यों में इसका अत्यधिक प्रयोग होता है | केरला में लगभग 45 तरह के केले पाए जाते हैं जिनका इस्तेमाल खाने में विभिन्न प्रकार से किया जाता है |

केले में कार्बोहाइड्रेट, विटामिन ए, विटामिन सी, विटामिन बी,लोहा, फास्फोरस,कैल्शियम, मैग्नीशियम,ज़िंक, सोडियम, पोटैशियम के साथ-साथ प्राकृतिक शर्करा (Natural Sugars); सुक्रोज़, फ्रूक्टोज़ और ग्लूकोज़ आदि पाए जाते हैं, जो हमारे स्वास्थ्य के लिए आवश्यक होते हैं |

दक्षिण भारत में विशेष अवसर पर केले के पत्ते पर खाना परोसकर खिलाने का रिवाज़ हमें आज भी देखने को मिलता है | उड़ीसा,आसाम,बंगाल,केरला आदि राज्यों में केले के पत्ते में मछली बनाने की कला अपने आप में अनोखा है |
आइए जानते है कि इस ऊर्जावान फल के यदि बहुत सारे फायदे है तो सही तरीके से और सही समय पर न खाने से इससे कुछ नुकसान भी होते हैं :-

केले के १० फायदे – Top 10 Health Benefits of Banana in Hindi

1. खून की कमी (Lack of blood or Anemia)

जिन लोगों में खून की कमी होती है उन्हें कच्चे केले और पके केले का सेवन प्रतिदिन करना चाहिए | केले का फूल और तना को सब्जी के रूप में इस्तेमाल लिया जाए तो इससे भी एनीमिया से छुटकारा मिलता है |

2. ऊर्जा प्रदान करने वाला (boosts energy)

खिलाड़ी और शारीरिक परिश्रम करने वालों को केले का सेवन अवश्य करना चाहिए क्योंकि यह तुरंत ऊर्जा प्रदान करता है और बहुत देर तक भूख भी नहीं लगती |

3. कैलोरी (Calorie)

केला विभिन्न प्रकार के नाप एवं आकार में पाये जाते हैं | इनमे ७५ से १३५ कैलोरीज पाए जाते हैं | एक औसत आकार के केले में १०० कैलोरी होता है |

  • केले को दूध के साथ मिलाकर Banana shake बनाकर लेने पर अधिक कैलोरी मिलती है
  • यदि किसी का वजन बहुत कम हो तो यह वजन बढ़ाने में मदद करता है

4. दस्त (Loose motion)

कच्चे केले में प्रतिरोधी स्टार्च पाए जाते हैं जो मलाशय से पानी और नमक को सोख लेते हैं | इससे मल को मजबूती मिलती है |

  • दस्त के समय कच्चे केले को उबालकर सब्जी या भर्ता के रूप में खाने से इससे राहत मिलती है
  • दस्त होने पर बच्चों को यदि उबालकर कच्चा केला केला खिलाया जाए तो 24 घंटे के बाद ये अपना असर दिखाता है और दस्त से राहत मिलती है

5. हृदय की सेहत (Heart’s Health)

इसमें रेशा (Fiber) और पोटैशियम की मात्रा अधिक होने के कारण ये हृदय(Heart) के लिए बहुत लाभदायक होता है |

6. रक्तचाप (Blood pressure)

पोटैशियम हृदय के लिए अत्यंत आवश्यक होता है | यह रक्त चाप को नियंत्रित रखता है | हमारे रोज के खाने से कभी कभी पोटैशियम की सही मात्रा हमें नहीं मिल पाती है | एक केला में अनुशंसित दैनिक सेवन के ९ प्रतिशत पोटैशियम पाए जाते हैं |

  • प्रतिदिन एक केला खाने से रक्तचाप नियंत्रित रहता है
  • पोटैशियम एक मात्र अवयव (component) है जो रक्तचाप को सही रखने में सहायक होता है
  • प्रतिदिन २ से ३ केला खाने से रक्त चाप नियंत्रित रहता है
  • जो लोग प्रतिदिन केले का सेवन करते हैं उन्हें रक्त चाप से सम्बंधित रोग होने की संभावना २७ प्रतिशत कम होती है

7. पेट के अल्सर (Stomach Ulcer)

पेट के अल्सर को ठीक करने में भी केला सहायक सिद्ध होता है | अल्सर के रोगी केले का नियमित सेवन करे तो उन्हें आराम मिलता है | इससे अल्सर तैयार होने वाले बैक्टीरिया खत्म हो जाते हैं |

8. वज़न बढ़ाने में (Gain Weight)

अत्यधिक दुबले-पतले लोग केला और शहद के मिश्रण को नियमित रूप से लें तो वज़न बढ़ाने में मदद मिलती है | इतना ही नहीं शहद और केले का मिश्रण चेहरे पर लगाने से उसमें निखार आता है |

9. बुखार और गर्भावस्था (Fever and Pregnancy)

बुखार के दौरान या अत्यधिक गरमी में केला खाने से शरीर ठंडा रहता है | गर्भवती महिलाओं को केला रोज़ाना खाना चाहिए जिससे शारीरिक (Physical) और भावनात्मक (Emotional) तापक्रम सही बना रहे |

10. मानसिक तनाव (Stress)

आज की इस भागदौड़ भरी ज़िंदगी में केला का सेवन मानसिक तनाव को कम करने में सहायक होता है | तनाव के समय हमारा मेटाबोलिक दर बढ़ जाता है जिसके पश्चात पोटैशियम का स्तर कम हो जाता है और इसका संतुलन ठीक करने के लिए केला खाना चाहिए |

केले से होने वाले १० नुकसान – Top 10 Disadvantages of Eating Banana

फल खाने का एक नियमित समय होता है | एक ओर जो केला हमारे स्वास्थ्य के लिए इतना लाभदायक है वही दूसरी ओर यदि सही समय पर सही मात्रा में इसका सेवन न किया जाए तो यह नुकसानदेह भी होता है :-

1. रात में ना खाये (Don’t Eat Banana in Night)

कभी भी रात में केला नहीं खाना चाहिए | रात के समय इसे खाने से पाचन समस्या आती है | इसमें कार्बोहाइड्रेट की मात्रा अधिक होने के कारण यह आसानी से नहीं पचता |

2. अधिक मात्रा में (Too Much)

अति किसी भी चीज़ की अच्छी नहीं होती | यह कहावत केले के लिए भी लागू होता है | अधिक केला खा लेने पर भारीपन महसूस होता है और आलस्य भी आता है | दिनभर में दो या तीन से अधिक केला न खाए |

3. खाली पेट (Empty Stomach)

केले में मैग्निशियम की मात्रा अत्यधिक होने के कारण खाली पेट इसे नहीं खाना चाहिए | खाली पेट केला खाने पर अचानक शरीर में मैग्निशियम का स्तर (level) बढ़ जाता है, जो शरीर के लिए हानिकारक सिद्ध होता है |

4. मधुमेह के रोगी (Diabetes Patient)

शर्करा (sugar) की मात्रा अधिक होने के कारण यह मधुमेह रोगियों (Diabetic Patient) के लिए समस्या बन जाता है | एक केला में 14 ग्राम शर्करा होता है | अतः प्रतिदिन इसे खाने से यह घातक हो सकता है |

5. मोटापा (Obesity)

मोटापा से परेशान व्यक्तियों को केले का अधिक सेवन नहीं करना चाहिए | यह पेट की चर्बी को और बढ़ा देता है |

6. खांसी, कफ़ और दमा (Cough, Cold & Asthma)

खांसी, कफ़ और दमा से पीड़ित व्यक्ति को केला नहीं खाना चाहिए | बाध्यकारी खाद्य पदार्थ और स्टार्च दमा के रोग को बढ़ा सकता है | यदि खाना हो तो दोपहर के भोजन के बाद खाएं |

7. एलर्जी (Allergic Reactions)

कुछ लोगों को केले से एलर्जी होती है, उन्हें केला नहीं खाना चाहिए | ऐसे लोग यदि केला खाते हैं तो उनके मुँह और गले में खुजली होती है या फिर साँस लेते समय घरघराहट होती है |

8. माइग्रेन (Migraine)

माइग्रेन से परेशान लोगों को केला अधिक नहीं खाना चाहिए | केला अधिक खाने से सरदर्द की समस्या बढ़ने की संभावना अधिक रहती है |केले में पाए जाने वाले एमिनो एसिड रक्त वाहिका (Blood vessel) को चौड़ा कर देता है जिसकी वजह से सिरदर्द और अधिक बढ़ जाता है |

9. कब्ज (Constipation)

कब्ज से परेशान व्यक्तियों को कच्चा केला खाने से परहेज करना चाहिए | नहीं तो ये काफी तकलीफदेह सिद्ध होता है |

10. मुंह की बीमारियां (Mouth Related Diseases)

केले में स्टार्च अधिक होने के कारण ये दाँतों के लिए हानिकारक होता है | अधिक मात्रा में केला खाने पर स्टार्च मसूड़ों में जाकर जम जाता है जिससे दाँत सड़ने लगते हैं और कमज़ोर हो जाते हैं |

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