अम्लता,अम्लपित्त या एसिडिटी एक बहुत ही आम परेशानी जिसका शिकार हर कोई कभी न कभी जरूर हुआ है | पेट की एक ऐसी बीमारी जो पेट में एसीड की मात्रा अधिक होने पर होती है और सम्पूर्ण पाचन प्रणाली (DigestiveSystem) बिगड़ जाता है |मुँह में खट्टा पानी आना, पेट और छाती में दर्द एवं जलन, डकार के साथ मुँह में खाना आना, पेट फूल जाना, अपच की शिकायत, खाने की अनिच्छा आदि अम्लपित्त के लक्षण हैं |

वर्तमान आधुनिक जीवन शैली, समय पर नाश्ता और भोजन और न करना, देर रात तक काम करना, रात्रि का भोजन भी अति देर से करना, चाय-कॉफी जैसे गरम पेय पदार्थों का अधिक और बेसमय सेवन इस बीमारी को जन्म देता है | तो आइए जानते हैं कि अम्लता (Acidity) के कारण क्या हैं और साथ ही साथ कुछ ऐसे घरेलू और आसान उपाय जिससे स्वास्थ्य को हम बिना हानि पहुँचाए आराम पा सकते हैं |

अम्लता के कारण (Causes for Acidity)

अम्लता के कारणों को जानना इसलिए जरुरी है क्योकि अगर हम इन कारणों का ध्यान रखें तो इस रोग को आने से रोक सकते हैं | जैसे की अंग्रेजी में एक कहावत है, “prevention is better than cure” |

1.चटपटे और मसालेदार भोजन (Spicy Food)

बहुत अधिक चटपटे और मसालेदार भोजन खाने से पेट में गैस और एसीड बनते हैं जिससे पेट में दर्द और जलन होता है |

2. फास्ट फूड और जंक फूड

नियमित रूप से जंक फूड का सेवन भी अम्लता के प्रमुख कारणों में से एक है| आज की व्यस्तता भरी ज़िंदगी में लोग कहीं भी कुछ खाकर काम चला लेते हैं परंतु वे यह नहीं समझते कि जंक और फास्ट फूड किस तरह से उनके पेट को प्रभावित करता है |

3. उपवास (Fasting)

बहुत अधिक धार्मिक विचारधारा वाले लोग आए दिन उपवास करते रहते हैं और कुछ लोग तो निर्जला व्रत भी रखते हैं और यह व्रत उनके शरीर को कितना नुकसान पहुँचाता है, इसका अंदाज़ा भी उन्हें नहीं होता | बहुत अधिक देर तक खाली पेट रहना भी एसीडिटी का कारण हैं |

4. अनियमितता (Irregularity)

प्रकृति के द्वारा हर कार्य के लिए नियम बनाया हुआ है | सुबह उठने और रात के सोने तक का समय भी प्रकृति (Nature) के नियमानुसार ही निश्चित किया गया है लेकिन आधुनिक जीवन शैली ने इन सबको पीछे छोड़ दिया है| देर रात तक काम करना और सुबह देर से उठना भी एसीडिटी की बीमारी के लिए एक बड़ी वजह है|

5. एलोपैथी दवाइयाँ (Allelopathy medicines)

एलोपैथी में कुछ ऐसी दवाइयाँ होती है, लगातार इनके सेवन से अम्लता या पेट में गैस बनता है |

6. अल्कोहल, सिगरेट या नशीली पदार्थों का सेवन

बहुत अधिक अल्कोहल,धूम्रपान (Smoking) के सेवन से अम्लता होती है |

7. गर्भावस्था (Pregnancy)

80% महिलाओं को गर्भावस्था के दौरान एसीडिटी की समस्या का सामना करना पड़ता है | हार्मोनल परिवर्तन के कारण भी एसिडिटी और गैस जैसी समस्याएँ होती है |

8. मांस (Meat)

अत्यधिक वसा (Fat) वाले मांस जैसे: रेड मीट, वीफ़ या लैम्ब खाने से भी एसिडिटी अधिक होती है क्योंकि इन्हें पचाना बहुत मुश्किल होता है |

9. चाय-कॉफी (Tea and coffee)

कुछ लोग चाय या कॉफी के इतने आदी (Addict) हो जाते हैं कि दिन में सात से आठ कप चाय या कॉफी पी जाते हैं परंतु उन्हें यह नहीं पता होता कि यह आगे चलकर अम्लपित्त का रूप धारण कर लेता है और यह एसिडिटी जब बहुत अधिक हो जाता है तो अल्सर बन जाता है |

10. शारीरिक व्यायाम की कमी (Low Physical Exercise)

यदि शारीरिक रूप से आप बहुत क्रियाशील (Active) नहीं रहते है और अधिकतर समय बैठकर या सोकर ही बिताते है तो एसीडिटी जैसी बीमारी को खुद न्योता देना है |

अम्लता के निवारण या घरेलू उपाय (Home remedies for Acidity in Hindi)

हर समस्या का समाधान होता है और हर बीमारी का इलाज़ होता है| थोड़ी-सी सावधानी बरतने से किसी भी बीमारी से छुटकारा मिल सकता है | तो आइए जानते हैं कि अम्लता जैसे रोग के क्या निवारण हैं |

1. पानी (Water)

कहा जाता है कि पानी कई बीमारियों का इलाज़ है| सुबह उठकर कम से कम 1लीटर हल्का गुनगुना या ठंडा पानी पीने से एसिडिटी जैसी समस्या होगी ही नहीं|

2. सत्तू (Roastd Bengal gram Powder)

सत्तू जो बिहार का एक प्रमुख भोजन सामग्री है जिससे लिट्टी बनाई जाती है जो बिहार का प्रमुख भोजन माना जाता है| यदि किसी को एसिडिटी बहुत अधिक होता है तो उसे रोज सुबह दो या तीन चम्मच सत्तू को एक गिलास पानी में डालकर नमक मिलाकर घोल बनाकर लेना चाहिए, इससे अम्लता कम हो जाती है |

3. अंकुरित अन्न और सलाद (sprouts and salad)

अंकुरित अन्न और सलाद को अपने भोजन में नियमित रूप से शामिल करें | यह अम्लतपित्त से छुटकारा दिलाता है |

4. घृतकुमारी (Aloevera)

एलोविरा एसिडिटी के लिए सबसे उत्तम औषधि है | खाने से पहले या सुबह खाली पेट एलोविरा का जूस पीने से पेट की कोई भी बीमारी ठीक हो जाती है |

5. योग (Yoga)

प्राणायाम नियमित रूप से करने से एसीडिटी से छुटकारा मिल जाता है| जो व्यक्ति इस रोग से बहुत बुरी तरह परेशान है उसे ध्यान रखना पड़ता है कि वह प्रणायाम धीरे-धीरे करे |

6. जीरा (Cumin Seed)

पेट संबंधी किसी भी बीमारी के लिए जीरा रामबाण इलाज है| यदि आप अम्लपित्त से बहुत अधिक परेशान हैं तो एक छोटा चम्मच जीरा को एक कप पानी में डालकर अच्छी तरह खौला लें, इसे ठंडा करके पी जाएँ और जीरे के दानों को भी चबाकर खा लें| नियमित रूप से सुबह-सुबह इसके सेवन से पेट संबंधी परेशानी गायब हो जाती है|

7. आजवाइन और काला-नमक (Carom seed and black salt)

कभी-कभी उल्टे-सीधे भोजन की वजह से यह रोग हो जाए तो एक छोटे चम्मच आजवाइन में चुटकी भर काला नमक मिलाकर गुनगुने पानी के साथ निगल लें तुरंत आराम मिलता है |

8. आँवला (Gooseberry)

आँवला को आयुर्वेद में अमृत माना जाता है| यह फल आपको मौसम के अनुसार ही मिलता है और इस फल को खाने से पेट की कोई भी बीमारी हो, वह गायब हो जाती है| प्रतिदिन एक आँवला यदि कच्चा खा सके तो बहुत ही लाभदायक होता है और यदि कच्चा न खा सके तो चटनी के रूप में अपने भोजन में अवश्य शामिल करें |

9. गुड़ (Jaggery)

गुड़ एसीडिटी के लिए प्राकृतिक उपचार है| रात्रि के भोजन के बाद थोड़ा-सा गुड़ खाने से भोजन को पचाने में सहायक होता है |

10.पुदीना की पत्ती (Mint leaves)

पुदीना की आठ-दस पत्तियों को अच्छी तरह धोकर चबाने से एसिडिटी से जल्द राहत मिलती है | पुदीना पेट को ठंडक भी पहुँचाता है इसलिए पेट में यदि जलन है तो फौरन आराम मिल जाता है |

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